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डायबिटीज़ के कुछ आम लक्षण होते हैं, जिनके बारे में सब लोग जानते हैं, लेकिन लगभग 50 प्रतिशत व्यक्तियों में यह रोग बिना लक्षण के भी हो सकता है ।
कई बार तो मधुमेह का पता तब चलता है, जब इसकी वजह से शरीर के किसी अंग को गंभीर क्षति हो चुकी होती है। मधुमेह का जल्द निदान (Diagnosis) महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर पता चल जाने पर चिकित्सा के माध्यम से इसके दीर्घकालीन दुष्परिणामों से बचा जा सकता है।
मधुमेह के लक्षणों को मुख्यतः तीन समूहों में बाँटा जा सकता है :
1. रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा अधिक हो जाना :
अगर ग्लूकोज़ शरीर में एक निर्धारित मात्रा से अधिक हो जाये तो यह पेशाब में आने लगता है, जिसकी वजह से मरीज़ को अधिक पेशाब आने की समस्या होती है । इस कारण शरीर में पानी की कमी होती है, जिससे अधिक प्यास भी लगती है। शरीर में बार-बार संक्रमण इन्फेक्शन होने लगता है। कई बार चोट लगने पर घाव ठीक नहीं होते एवं इनमें संक्रमण होता है। महिला व पुरूषो में जननांगों में फंगल इन्फेक्शन की वजह से खुजली होना भी मधुमेह का एक आम लक्षण है ।
आँखों के आगे धुँधलापन या स्पष्ट न दिखाई देना भी मधुमेह का एक लक्षण हो सकता है। रक्त में ग्लूकोज़ स्तर अधिक होने से लेंस का आकार सिकुड़ जाता है, जिसके फलस्वरूप द्रष्टि दोष होता है। ग्लूकोज़ स्तर सामान्य होने पर लेंस का आकार भी सामान्य हो जाता है एवं द्रष्टि सामान्य हो जाती है ।
यदि किसी व्यक्ति को पहले से चश्मा लगा है, तो मधुमेह होने पर चश्मे का नंबर बार-बार बदलने लगता है। बेहतर होगा कि ग्लूकोज़ स्तर सामान्य होने के बाद ही चश्मे के नंबर की जाँच कराई जाए ।
2. शरीर की कोशिकाओं के भीतर ग्लूकोज़ नहीं पहुँच पाना :
जब ग्लूकोज़ शरीर की कोशिकाओं के भीतर नहीं पहुँच पाता तो थकान, कमजोरी, चिडचिड़ाहट, हाथ पैर में दर्द, झुनझुनी, अधिक भूख लगना जैसे लक्षण होते हैं । साथ ही शरीर भोजन के ग्लूकोज़ का उपयोग नहीं कर पाता, जिस वजह से वज़न घटने लगता है ।
3. मधुमेह के शरीर पर दुष्प्रभाव :
रक्त में ग्लूकोज़ का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को क्षति पहुँचाता है, जिसके परिणामस्वरूप अनेक लक्षण हो सकते हैं, जैसे – हाथ-पैरों में झुनझुनी, सुन्न होना, सुइयां चुभना, बहुत अधिक दर्द होना, नपुंसकता, धुँधला दिखाई देना, शरीर पर सूजन आ जाना आदि ।
मधुमेह के लक्षण मधुमेह के प्रकार पर भी निर्भर करते हैं। यदि मरीज को टाईप-1 मधुमेह है, तो ऎसी अवस्था में तेजी से वज़न घटना, बार-बार पेशाब आना, बच्चों में बिस्तर गीला करना, बेहोश हो जाना प्रमुख लक्षण होते हैं ।
मधुमेह के प्रमुख लक्षण :
मधुमेह के लक्षण
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डायबिटीज़ के कुछ आम लक्षण होते हैं, जिनके बारे में सब लोग जानते हैं, लेकिन लगभग 50 प्रतिशत व्यक्तियों में यह रोग बिना लक्षण के भी हो सकता है ।
कई बार तो मधुमेह का पता तब चलता है, जब इसकी वजह से शरीर के किसी अंग को गंभीर क्षति हो चुकी होती है। मधुमेह का जल्द निदान (Diagnosis) महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर पता चल जाने पर चिकित्सा के माध्यम से इसके दीर्घकालीन दुष्परिणामों से बचा जा सकता है।
मधुमेह के लक्षणों को मुख्यतः तीन समूहों में बाँटा जा सकता है :
1. रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा अधिक हो जाना :
अगर ग्लूकोज़ शरीर में एक निर्धारित मात्रा से अधिक हो जाये तो यह पेशाब में आने लगता है, जिसकी वजह से मरीज़ को अधिक पेशाब आने की समस्या होती है । इस कारण शरीर में पानी की कमी होती है, जिससे अधिक प्यास भी लगती है। शरीर में बार-बार संक्रमण इन्फेक्शन होने लगता है। कई बार चोट लगने पर घाव ठीक नहीं होते एवं इनमें संक्रमण होता है। महिला व पुरूषो में जननांगों में फंगल इन्फेक्शन की वजह से खुजली होना भी मधुमेह का एक आम लक्षण है ।
आँखों के आगे धुँधलापन या स्पष्ट न दिखाई देना भी मधुमेह का एक लक्षण हो सकता है। रक्त में ग्लूकोज़ स्तर अधिक होने से लेंस का आकार सिकुड़ जाता है, जिसके फलस्वरूप द्रष्टि दोष होता है। ग्लूकोज़ स्तर सामान्य होने पर लेंस का आकार भी सामान्य हो जाता है एवं द्रष्टि सामान्य हो जाती है ।
यदि किसी व्यक्ति को पहले से चश्मा लगा है, तो मधुमेह होने पर चश्मे का नंबर बार-बार बदलने लगता है। बेहतर होगा कि ग्लूकोज़ स्तर सामान्य होने के बाद ही चश्मे के नंबर की जाँच कराई जाए ।
2. शरीर की कोशिकाओं के भीतर ग्लूकोज़ नहीं पहुँच पाना :
जब ग्लूकोज़ शरीर की कोशिकाओं के भीतर नहीं पहुँच पाता तो थकान, कमजोरी, चिडचिड़ाहट, हाथ पैर में दर्द, झुनझुनी, अधिक भूख लगना जैसे लक्षण होते हैं । साथ ही शरीर भोजन के ग्लूकोज़ का उपयोग नहीं कर पाता, जिस वजह से वज़न घटने लगता है ।
3. मधुमेह के शरीर पर दुष्प्रभाव :
रक्त में ग्लूकोज़ का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को क्षति पहुँचाता है, जिसके परिणामस्वरूप अनेक लक्षण हो सकते हैं, जैसे – हाथ-पैरों में झुनझुनी, सुन्न होना, सुइयां चुभना, बहुत अधिक दर्द होना, नपुंसकता, धुँधला दिखाई देना, शरीर पर सूजन आ जाना आदि ।
मधुमेह के लक्षण मधुमेह के प्रकार पर भी निर्भर करते हैं। यदि मरीज को टाईप-1 मधुमेह है, तो ऎसी अवस्था में तेजी से वज़न घटना, बार-बार पेशाब आना, बच्चों में बिस्तर गीला करना, बेहोश हो जाना प्रमुख लक्षण होते हैं ।
मधुमेह के प्रमुख लक्षण :
- वजन घटना
- बार-बार पेशाब जाना
- अधिक प्यास लगना
- थकान महसूस होना
- जननांगों में खुजली
- अधिक भूख लगना
- आँखों के आगे धुँधलापन
- घावों का नहीं भरना
मधुमेह के लक्षण
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